Monday, October 5, 2015

इंदौर डायरी - 13

वह ऑफिस से लौटा ही था कि उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। उसने कॉल रिसीव किया तब पता चला कि दूसरी तरफ बचपन की एक मित्र है, जिसके साथ उसकी स्कूलिंग हुई थी। उसने उसका हालचाल पूछा। साथ ही एक सवाल जो अकसर उससे उसे जानने वाले किया ही करते थे, 'शादी कब कर रहे हो?' उसने सवाल को टालते हुए कहा, आजकल कहां हो? उसने बताया वह चेन्नई में है क्योंकि उसके पतिदेव की नौकरी वहीं है। उसके बाद उसके सुख-दुख के किस्से शुरू हो गए। लेकिन, उसने दोबारा अपना सवाल दोहराया, तुमने बताया नहीं कि शादी कब कर रहे हो? उसने एक लंबी सांस लेकर कहा, जब होनी होगी, हो जाएगी। मित्र ने कहा, ऐसा क्यों बोल रहे हो, क्या हुआ है। तुम चाहो तो मुझे सारी बात बता सकते हो। हो सकता है तुम्हारे दिल का बोझ कुछ हल्का हो जाए। आंखों में आंसू लिए हुए रूंधे गले से उसने उसे शुरू से लेकर उस दिन की सारी बात बयां कर दी।

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