वह सुबह से ही बहुत उदास था। उसके मन में रह रह कर बुरे ख्याल आ रहे थे। फिर भी वह अपने मन को किसी तरह समझा रहा था। मंदिर नहीं जाने के बाद भी भगवान से यही मना रहा था कि कुछ बुरा सुनने को ना मिले आज। रात के लगभग 11:30 बजे तक कोई बुरी खबर नहीं मिली तो उसे लगा कि भगवान ने उसकी प्रार्थना मान ली है। तभी 11:38 पर उसका मोबाइल बजा और उसने देखा कि यह तो उसी का फोन है। उसने थरथराते हाथों से कॉल रिसीव किया। दूसरी तरफ से रोने की आवाज आने लगी। उसने उसे चुप होने के लिए कहा, लेकिन दूसरी तरफ से लगातार रोने की आवाज आती रही। #इंदौरडायरी - 10
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