Friday, December 6, 2013

खोजी पत्रकार से यौन शोषण आरोपी बनने तक का सफर

देश में खोजी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले नामी पत्रकार तरुणजीत तेजपाल खुद भी स्टिंग ऑपरेशन का शिकार हो गए हैं। वे अपना पद छोड़ने से पहले तहलका पत्रिका के संपादक थे। तेजपाल पर अपनी ही एक साथी महिला पत्रकार के यौन उत्पीड़न का आरोप है और इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। जहां यह घटना घटी है, वहां की गोआ सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। एडीटर्स गिल्ड ने भी इस मामले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है।

कौन हैं तरुण तेजपाल

तरुण तेजपाल ने पंजाब से स्‍नातक की डिग्री लेने के बाद दिल्ली में इंडिया टुडे मैगजीन से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस अखबार और बाद में आउटलुक के प्रबंध संपादक भी रहे। तेजपाल ने दो उपन्यास भी लिखे हैं। उम्र के पांच दशक पूरे कर चुके तरुण का पत्रकारिता में करीब 28 साल का करियर है।

मार्च 2000 में आउटलुक के प्रबंध सम्पादक का पद छोड़ने के बाद तेजपाल ने ऑनलाइन पत्रिका की शुरुआत की और इसे 2001 में तब राष्ट्रव्यापी ख्याति मिली जब इसने ऑपरेशन वेस्ट-एंड का खुलासा किया था। अपने इस खुलासे में तहलका ने दर्शाया था कि रक्षा सौदों में रक्षा मंत्रालय के अधिकारी रिश्वत लेते हैं। तहलका खुलासे में ही यह भी पता चला था कि बराक मिसाइल घोटाले में रिश्वत खाई गई थी। वर्ष 2007 में पोर्टल एक साप्ताहिक पत्रिका में बदल गया और इसका हिंदी समाचार पोर्टल भी शुरू हुआ। इससे पहले इसने बहुत सारे सनसनीखेज खुलासे कर दिए थे।

मार्च 2000 ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया जिसमें पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर को यह कहते हुए दिखाया गया था कि भारतीय क्रिकेट मैचों में मैच फिक्सिंग होती है। इस मैच फिक्सिंग की जांच सीबीआई ने की थी और इसमें मोहम्मद अजरुद्दीन, अजय जाडेजा, अजय शर्मा, मनोज प्रभाकर को बीसीसीआई ने दंडित किया था। इस स्टिंग ऑपरेशन के बाद जड़ेजा और अजहरुद्दीन का क्रिकेट कैरियर पूरी तरह खत्म हो गया।

क्‍या था तहकला स्टिंग

वर्ष 2001 में तहलका ने अपने पहले बड़े स्टिंग ऑपरेशन ऑपरेशन वेस्ट एंड उजागर किया। इस ऑपरेशन के दौरान वीडियोज में कई रक्षा अधिकारी और तत्कालीन सरकार के नेता रिश्वत के बारे में बात करते और इसे लेते हुए दिखे थे। इसे दर्शाने के लिए पत्रकार ब्रिटिश हथियार कंपनी वेस्ट एंड के प्रतिनिधियों के तौर पर समता पार्टी की नेता जया जेटली, पूर्व नेवल ऑफीसर लेफ्‍टीनेंट कमोडोर सुरेश नंदा़ से बात करते दिखे तो उन्होंने भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को पार्टी चंदे के नाम पर रिश्वत दी थी।

इस मामले के उजागर होने के बाद तत्कालीन रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नांडीज ने इस्तीफा दे दिया था, लेकिन बाद में उन्हें फिर मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया था। मामले के चार वर्ष बाद सीबीआई ने जेटली, बंगारू लक्ष्मण और अन्य के खिलाफ मामला दायर किया था। इस मामले में बंगारू लक्ष्मण को कोर्ट ने चार वर्ष की जेल की सजा भी सुनाई थी।

तहलका ने 2007 में एक और स्टिंग ऑपरेशन किया था जिसमें गुजरात के वीडियो फुटेज प्रदर्शित किए थे। इनमें बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने खुलेआम स्वीकार किया था कि वे गुजरात दंगों में पूरी तरह से लिप्त थे। इन लोगों ने माना था कि वे नरोदा पाटिया में दंगा करने के लिए जिम्मेदार हैं। लेकिन, इस मामले के विशेष जांच दल को इसके दावों के पुख्ता सबूत नहीं मिल सके थे और अन्य मामले कोर्ट में लाए गए थे जिनमें वांछित कार्रवाई की गई।

जेसिका मामले की सुनवाई में महत्‍वपूर्ण था स्टिंग

जेसिका लाल हत्याकांड मामले में भी तहलका ने स्टिंग ऑपरेशन किया था। इस मामले के एकमात्र गवाह शायन मुंशी का स्टिंग ऑपरेशन कर अदालत में यह साबित किया कि मुंशी झूठ बोल रहा है और उसे अच्छी तरह हिन्दी आती है।

तहलका का अगला खुलासा डीएमके नेता और तत्कालीन टेक्सटाइल मंत्री दयानिधि मारन के खिलाफ था और इस खुलासे में बताया गया था कि मारन 700 करोड़ के टे‍ल‍िकॉम घोटाले में शामिल थे। इसे 2जी घोटाले के नाम से भी जाना जाता है। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हुई थी और सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में मारन को दोषी ठहराया था। इसके परिणामस्वरूप दयानिधि मारन को सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था।

पत्रिका से ऐसे ही अन्य बहुत से घोटालों के खुलासे की उम्मीद की जा सकती थी, लेकिन इसके संस्थापक के इस अपराध में‍ कथित तौर पर लिप्त पाए जाने की खबर से पत्रकारिता को एक झटका लगा है।

Multimedia Team, Naidunia.com

हस्तियों की हल्की हरकतें


कई घोटालों का खुलासा करने वाली मैग्जीन तहलका के संपादक तरुण तेजपाल अपनी ही सहकर्मी पत्रकार के यौन उत्पीड़न के आरोप में फंस चुके हैं। अभी तक मीडिया जगत इस तरह की घटनाओं को दुनिया के सामने लाने का काम करता आया है, लेकिन इस बार खुद मीडिया से जुड़े लोग ही यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी व पीड़ित के तौर पर सामने आए हैं। यानी एक तरह से अब कोई भी क्षेत्र इस तरह की घटनाओं या स्कैंडल्स से अछूता नहीं रह गया है। आइए नजर डालते हैं अलग-अलग क्षेत्रों के कुछ चर्चित और विवादास्पद सेक्स स्कैंडल्स पर :

मीडिया : तहलका मैग्जीन के संपादक तरुण तेजपाल की करतूत ने एक बार फिर यौन शोषण के मामलों को गर्मा दिया है। अब तक अखबारों की सुर्खियां बन रहे आसाराम और नारायण साईं के बाद मीडिया की नजर तेजपाल पर है।
डॉ. रीना मुखर्जी
(स्टेट्समैन के न्यूज को-ऑर्डिनेटर ईशान जोशी)
मीडिया में अंजाम दिए जाने वाले स्कैंडल्स का खुलासा आम तौर पर नहीं हो पाता है, लेकिन डॉ. रीना मुखर्जी ऐसी पत्रकार हैं, जिन्होंने 10 साल से ज्यादा समय तक कानूनी लड़ाई लड़ी और जीती भी। डॉ. मुखर्जी कोलकाता के अखबार स्टेट्समैन में सीनियर रिपोर्टर थीं। उन्होंने अक्टूबर 2002 में न्यूज को-ऑर्डिनेटर ईशान जोशी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। इस पर रीना को ही नौकरी से निकाल दिया गया। वे यह मामला विभिन्ना संगठनों, महिला आयोग व श्रम आयुक्त जैसे मंचों तक ले गईं। यह लड़ाई साढ़े 10 साल तक चली और फरवरी 2013 में उन्हें कोर्ट से जीत हासिल हुई।
सोनू निगम-सुभाष के. झा
वर्ष 2007 में प्रसिद्ध गायक सोनू निगम ने वरिष्ठ पत्रकार व ख्यात फिल्म समीक्षक सुभाष के. झा पर यौन शोषण का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। सोनू का आरोप था कि जब उन्होंने झा की मांग नहीं मानी, तो उन्होंने अपने लेखों में सोनू की आलोचना करनी शुरू कर दी।
धर्म : धर्मगुरुओं के सेक्स स्कैंडल्स लंबे समय से चर्चा में आते रहे हैं। इसकी ताजा बानगी हैं आसाराम बापू, नारायण साईं और नित्यानंद स्वामी।
आसाराम-नारायण साईं
23 अगस्त, 2013 को दिल्ली के कमला मार्केट पुलिस स्टेशन में आसाराम बापू के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज होते ही देशभर में सनसनी फैल गई। पीड़िता मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा आश्रम की है और उसके बयान के मुताबिक उसका यौन उत्पीड़न आसाराम के जोधपुर आश्रम में हुआ। कई दिनों की लुका-छिपी के बाद अंतत: जोधपुर पुलिस ने इंदौर स्थित आश्रम में छुपे आसाराम को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ यौन उत्पीड़न, बलात्कार, हत्या समेत कई आरोपों में कई मामले दर्ज कराए गए और बाप-बेटे के शोषण की शिकार हुई कई महिलाओं ने सामने आने की हिम्मत की।
डेरा सच्चा सौदा
इसी तरह वर्ष 2008 में डेरा सच्चा सौदा के धर्मगुरु गुरमीत राम रहीम पर भी वहीं की एक कार्यकर्ता ने बलात्कार का आरोप लगाया था। पंजाब के नजदीकी इलाकों में खूब प्रदर्शन हुए और लोगों ने धर्मगुस्र् के प्रति गुस्सा जताया। हालांकि शुरुआत में उनके अनुयायी बहुत समय तक इस करतूत में उनका हाथ होने से इंकार करते रहे।
नित्यानंद स्वामी
दक्षिण भारत के टीवी चैनल पर दिखाए गए फुटेज में धर्मगुरु नित्यानंद स्वामी तमिल अभिनेत्री के साथ आपत्तिजनक अवस्था में दिखाई दिए। वे भी यौन उत्पीड़न के मामले का सामना कर रहे हैं।
बॉलीवुड
अमन वर्मा
अभिनेता व टीवी एंकर अमन वर्मा एक स्टिंग ऑपरेशन में अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर पैर जमाने का संघर्ष कर रही एक अभिनेत्री का यौन शोषण करते दिखाए गए।
मधुर भंडारकर-प्रीति जैन
वर्ष 2004 में प्रीति जैन नामक एक संघर्षरत अभिनेत्री ने फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर पर आरोप लगाया था कि मधुर ने फिल्म में रोल देने का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया। यह मामला वर्ष 2012 तक चला व अदालत से मधुर को जीत हासिल हुई।
शक्ति कपूर
एक और स्टिंग ऑपरेशन में खलनायक शक्ति कपूर निजी जिंदगी में भी खलनायक जैसी हरकतें करते दिखाए गए। एक नवोदित अभिनेत्री ने उन पर काम दिलाने के वास्ते यौन शोषण का आरोप लगाया।
पायल रोहतगी
अभिनेत्री पायल रोहतगी ने भी वर्ष 2011 में निर्देशक दिबाकर बैनर्जी पर फिल्म में रोल के बदले यौन शोषण की कोशिश का आरोप लगाया था। यही नहीं, घरेलू नौकरानी से बलात्कार के मामले में शाइनी आहूजा भी जेल जा चुके हैं।
राजनीति : राजनीति तो सेक्स स्कैंडल्स के लिए बदनाम है ही। इस क्षेत्र में स्कैंडल्स की गिनती ही नहीं है। कई मामले विरोधी पार्टी के लोग खोल देते हैं, तो कई बार नेता सीडी के जरिये खुद ही फंस जाते हैं।
नारायणदत्त तिवारी
उप्र व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व आंध्रप्रदेश के राज्यपाल समेत कई अहम पदों पर रह चुके कांग्रेस नेता एनडी तिवारी सेक्स स्कैंडल्स को लेकर विवादों में रहे। वर्ष 2009 में तीन महिलाओं से सेक्स टेप जारी होने के बाद उन्हें राज्यपाल पद से इस्तीफा देना पड़ा था। तिवारी पहले ही रोहित शेखर व उसकी मां पूर्व कांग्रेस नेत्री उज्ज्वला शर्मा द्वारा दायर मामले का सामना कर रहे थे, जिसमें शेखर-उज्ज्वला ने दावा किया था कि तिवारी ही रोहित के जैविक पिता हैं। बाद में डीएनए टेस्ट से यह सच साबित हुआ।
मदेरणा और नागर
वर्ष 2011 में भंवरी देवी सेक्स टेप व हत्याकांड मामला सामने आया। इसमें राजस्थान के कांग्रेसी नेता व तत्कालीन जनस्वास्थ्य और जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा को भंवरी देवी के यौन शोषण, बलात्कार व हत्या के आरोपों में इस्तीफा देना पड़ा। मामले में एक और कांग्रेस विधायक मलखान सिंह भी आरोपी हैं। इसी साल राजस्थान के खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल नागर को बलात्कार के मामले में इस्तीफा देना पड़ा। 35 वर्षीय पीड़िता का आरोप था कि 53 वर्षीय नागर ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया।
अभिषेक मनु सिंघवी
अप्रैल 2012 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रवक्ता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की सेक्स सीडी जारी हुई, जो जल्द ही सोशल मीडिया पर फैल गई। इसके बाद उन्हें प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा।
अमरमणि-मधुमिता
वर्ष 2003 का यह मामला काफी चर्चित रहा। समाजवादी पार्टी के नेता अमरमणि त्रिपाठी पर 24 वर्षीय कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या का मामला दर्ज हुआ। मधुमिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि वह गर्भवती थी।
राघवजी
मध्यप्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता राघवजी पर उनके ही घरेलू सेवक का अप्राकृतिक यौन कृत्य का आरोप लगा और उनकी सीडी भी जारी हुई। पीड़ित का आरोप है कि राघवजी पिछले साढ़े तीन साल से उसका शोषण कर रहे थे। इस मामले में राघवजी की गिरफ्तारी भी हुई। इस कांड के कारण हुई थू-थू के चलते ही राघवजी को विधानसभा चुनाव में टिकट भी नहीं मिल पाया।
गोपाल कांडा-गीतिका शर्मा
हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा पर अपनी ही विमानन कंपनी एमएलडीआर एयरलाइंस में एयर होस्टेस रही गीतिका शर्मा के यौन शोषण का मामला चल रहा है। गीतिका ने यौन प्रताड़ना से तंग आकर 5 अगस्त 2012 को खुदकुशी कर ली, लेकिन अपने आखिरी खत में वह कांडा का कच्चा चिठ्ठा खोल गई।
रक्षा सेवाएं : जिनके मजबूत कंधों पर देश की रक्षा का जिम्मा है, वह रक्षा क्षेत्र भी सेक्स स्कैंडल्स से अछूता नहीं है।
पत्नियों की अदला-बदली
नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि लेफ्टिनेंट कमांडर (थल सेना में मेजर के समकक्ष) रैंक वाला उसका पति उस पर सहकर्मियों के साथ यौन संबंध बनाने का दबाव डाल रहा है। महिला ने रक्षा मंत्री एके एंटोनी को शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच के आदेश हुए। ऐसा ही मामला कोच्चि में भी सामने आया था, जब महिला ने लेफ्टिनेंट कमांडर पति पर आरोप लगाया कि वह और उसके वरिष्ठ अधिकारी पत्नियों की अदला-बदली करते हैं।
कॉन्गो सेक्स स्कैंडल
वर्ष 2007-08 में अंतरराष्ट्रीय शांति अभियान में शामिल चार भारतीय सैनिकों, जिनमें एक मेजर भी था, पर अफ्रीकी देश कॉन्गो में यौन उत्पीड़न का मामला प्रमाणित हुआ।
शोषण फिर खुदकुशी
सितंबर 2011 में एयर फोर्स से बर्खास्त ऑफिसर अंजलि गुप्ता ने भोपाल में आत्महत्या कर ली थी। अंजलि के एयर फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी के साथ संबंध थे, जिसने उसे शादी का झांसा दिया था और बाद में मुकर गया। इसी दुख में अंजलि ने फांसी लगा ली। वह कोर्ट मार्शल के बाद बर्खास्त होने वाली पहली महिला एयर फोर्स अधिकारी थी।
प्रिंसिपल का शोषण
पिथौरागढ़, उत्तराखंड के जनरल बीसी जोशी आर्मी पब्लिक स्कूल की प्रिंसीपल विम्मी जोशी ने स्कूल का संचालन करने वाली कमेटी के वाइस-प्रेसिडेंट कर्नल हितेन्द्र बहादुर पर अश्लील व अपमानजनक भाषा में उन्हें पत्र लिखने का आरोप लगाया। जब प्रिंसीपल ने स्कूल प्रबंधन को शिकायत की, तो उन्हें ही बर्खास्त कर दिया गया। बाद में जोशी ने लड़ाई लड़ी और उन्हें इंसाफ मिला।
लेफ्टि. जनरल से छिना पद
सेना के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि लेफ्टिनेंट जनरल रैंक वाले वरिष्ठ पद पर कार्यरत अधिकारी का पद सेक्स स्कैंडल के कारण छीन लिया गया हो। सेना के इंजीनियर-इन-चीफ एके नंदा पर इजरायल यात्रा के दौरान अपने टेक्नीकल सेक्रेटरी की पत्नी के यौन शोषण का आरोप लगा, जिसके बाद नंदा को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा।
खेल : खेल जगत में कॉमनवेल्थ घोटाले ही नहीं, बल्कि सेक्स स्कैंडल्स भी होते हैं। कई खिलाड़ी ऐसे कृत्य में लिप्त पाए गए और फिर उनकी प्रसिदि्ध कम होती गई।
अम्पायर असद रऊफ
आईसीसी के मान्यताप्राप्त क्रिकेट अम्पायर असद रऊफ पर मुंबई की एक मॉडल लीना कपूर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। रऊफ ने आरोपों को आंशिक रूप से स्वीकार किया।
तीरंदाज मामला
झारखंड में आयोजित हुए राष्ट्रीय तीरंदाजी कैम्प में दो तीरंदाज पवन जाल्को और गुंजन कुमारी आपत्तिजनक हालत में रंगे हाथों पकड़े गए। ये दोनों टाटा आर्चरी एकेडमी से निकले हैं। भारतीय तीरंदाजी संघ ने दोनों के राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया।
एमके कौशिक
पूर्व ओलिम्पियन व महिला हॉकी टीम के कोच एमके कौशिक पर वर्ष 2010 में यौन शोषण का आरोप लगा कि कनाडा व चीन दौरे पर कौशिक ने खिलाड़ियों का यौन शोषण करने की कोशिश की व अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि कौशिक ने आरोपों से इन्कार किया।
कॉर्पोरेट : हाई-प्रोफाइल कॉर्पोरेट जगत के स्कैंडल्स यूं तो सामने नहीं आ पाते, लेकिन शोषित हुई युवतियों ने हिम्मत दिखाई और कई हस्तियों की जिंदगी और कैरियर दांव पर लग गया।
प्रदीप श्रीवास्तव
आइडिया सेल्युलर के तत्कालीन चीफ मार्केटिंग ऑफिसर प्रदीप श्रीवास्तव को 25 वर्षीय जूनियर अन्विता प्रभाकर द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद पद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि श्रीवास्तव ने कहा कि प्रमोशन न मिलने पर उन पर आरोप लगाए गए। इस मामले में आरोप साबित नहीं हो पाए।
सी. वेंकटरमणा
वर्ष 2004 में नाल्को के तत्कालीन चेयरमैन-सह-मैनेजिंग डायरेक्टर सी. वेंकटरमणा पर प्रमोशन का लालच देकर अधीनस्थ कर्मचारी के यौन शोषण का मामला दर्ज हुआ। वेंकटरमणा ने मुंबई पुलिस के समक्ष समर्पण किया। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। यह मामला अभी भी लंबित है।
फणीश मूर्ति
आईगेट सॉल्यूशन्स के पूर्व प्रेसिडेंट व सीईओ फणीश मूर्ति पर अधीनस्थ कर्मचारी के यौन शोषण का आरोप लगा। कंपनी ने उन्हें निकाल दिया। इससे पहले इन्फोसिस में यूएस सेल्स टीम के मुखिया रहते सेक्रेटरी से यौन शोषण का आरोप लगा। सेक्रेटरी ने मूर्ति समेत कंपनी को भी कोर्ट में घसीटा। 3 मिलियन डॉलर में समझौता हुआ।

Compiled By Multimedia Team, Naidunia.com