देर शाम हो चुकी थी। कमरे के बाहर तेज बारिश की आवाज उसके कानों में पड़ रही थी, लेकिन मन में चार साल पहले का दृश्य घूम रहा था और आंखों के कोनों से आंसू टपकने ही वाले थे। तभी उसने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर हो रही बारिश में खुद को भिंगोने लगा। इस बारिश के पानी में उसके आंसू भी घुल गए। उसके बाजू के कमरे में रहने वाले लड़के ने पूछा, भैया आपको भी बारिश में भींगना अच्छा लगता है क्या? उसने उसके सवाल को टालते हुए कहा, बारिश का मजा लो।#इंदौरडायरी- 8
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