Sunday, September 20, 2015

‪इंदौर डायरी‬-1

वह अंदर अपने कमरे में बिस्तर पर लेटा हुआ था। बाहर अचानक जोरों की बारिश होने लगी। उसके कमरे में कोई खिड़की नहीं थी, लेकिन फिर भी उसे पता चल चुका था कि बाहर बारिश हो रही है। इसका पता उसे छत पर लगे टीनशेड पर पड़ने वाली बारिश की बूंदों के चोट से होने वाली आवाज से चल रहा था। अंदर ही अंदर वह सोच रहा था काश कोई उसके दिल में लगातार चोट कर रही बातों का हाल जान पाता।
‪#‎इंदौरडायरी‬-1

No comments: